स्कूल संचालकों का विरोध प्रदर्शन
निजी स्कूलों की स्वायत्तता एवं अधिकारों की रक्षा को लेकर स्कूल संचालकों का महासंग्राम, जिलेभर के स्कूल बंद रखकर किया प्रदर्शन
हनुमानगढ़। शाला सम्बलन अभियान के तहत प्रत्येक माह निजी विद्यालयों की जांच के प्रस्तावित प्रावधान, आरटीई पुनर्भरण राशि के लंबित भुगतान तथा निजी विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के विरोध में बुधवार को जिलेभर के निजी स्कूल संचालकों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के तत्वावधान में जिले की समस्त निजी शिक्षण संस्थाएं बंद रखकर निजी स्कूलों की स्वायत्तता एवं अधिकारों की रक्षा के समर्थन में महासंग्राम का आह्वान किया गया।
प्रदर्शन से पूर्व सभी स्कूल संचालक जाट भवन में एकत्रित हुए, जहां सभा आयोजित कर सरकार की नीतियों पर चर्चा की गई। इसके बाद भीषण गर्मी के बावजूद संचालकों ने पैदल रोष मार्च निकालते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के नाम जनप्रतिनिधि अमित सहू को ज्ञापन सौंपते हुए शाला सम्बलन के तहत निजी विद्यालयों की प्रत्येक माह होने वाली जांच पर रोक लगाने, आरटीई पुनर्भरण राशि का अविलंब भुगतान करने तथा निजी विद्यालयों की स्वायत्तता एवं अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने सहित विभिन्न मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ते प्रशासनिक दबाव और लंबित भुगतानों के कारण विद्यालयों का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में जिलेभर से बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालकों एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया।


