विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम
विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बंदियों एवं जेल स्टाफ को हेपेटाइटिस से बचाव, जांच, उपचार एवं टीकाकरण की दी जानकारी
हनुमानगढ़। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर जिले में अनेक जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित जिला कारागार, सबजेल नोहर एवं भादरा में बंदियों एवं जेल स्टाफ के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हेपेटाइटिस बी एवं सी के संक्रमण से बचाव, समय पर जांच एवं उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम, बचाव, जांच और उपचार को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 'नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्रामÓ (एनवीएचसीपी) शुरू किया गया। यह कार्यक्रम 28 जुलाई 2018 को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था। कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य हेपेटाइटिस सी का देशव्यापी उन्मूलन वर्ष 2030 तक हासिल करना तथा हेपेटाइटिस बी एवं सी से होने वाली बीमारी, जटिलताओं और मृत्यु को कम करना है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी एवं सी लिवर को प्रभावित करने वाले गंभीर संक्रमण हैं। समय पर जांच और उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम किया जा सकता है। इस अवसर पर मंगलवार को वल्र्ड हेपेटाइटिस डे पर जिले में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि हेपेटाइटिस की रोकथाम के लिए जागरूकता, समय पर जांच, सुरक्षित व्यवहार, टीकाकरण और आवश्यक उपचार बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि जिले में 287 लोगों की एचआईवी, एचबीएसएजी एवं हेपेटाइटिस बी की जांच की गई। सीएचसी रावतसर में भी चिकित्सकीय स्टॉफ का टीकाकरण किया गया।
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित जिला कारागृह में आयोजन कार्यक्रम में उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश शर्मा ने हेपेटाइटिस के संक्रमण के कारणों, लक्षणों, बचाव एवं उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में हेपेटाइटिस की रोकथाम, बचाव, जांच एवं उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत हाई रिस्क ग्रुप्स की स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण है। इनमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति, पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने वाले पुरुष (एमएसएम), महिला सेक्स वर्कर, इंजेक्शन के माध्यम से ड्रग्स लेने वाले व्यक्ति तथा लंबे समय तक ट्रक चलाने वाले व्यक्तियों सहित अन्य जोखिम समूहों को शामिल किया जाता है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए टीकाकरण प्रभावी उपाय है, जिसके लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीन डोज लगाई जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हनुमानगढ़ लाल चौक के नजदीक कॉलोनी चिकित्सालय क्षेत्र में भी टीकाकरण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
हेल्थकेयर वर्कर्स के टीकाकरण पर भी जोर
कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों को हेपेटाइटिस बी से सुरक्षित रखने के लिए उनके तीन डोज वाले टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव गर्भवती महिला से जन्म लेने वाले नवजात शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस बी वैक्सीन की जन्म खुराक एवं आवश्यकतानुसार हेपेटाइटिस बी इम्यूनोग्लोबुलिन देने की जानकारी दी गई।
व्यक्तिगत वस्तुएं साझा नहीं करने की सलाह
जागरूकता कार्यक्रम में बंदियों एवं जेल स्टाफ को व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई। संक्रमित व्यक्ति की सुई, रेजर, टूथब्रश जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को साझा नहीं करने, सुरक्षित तरीके से रक्त एवं इंजेक्शन संबंधी प्रक्रियाएं अपनाने तथा संक्रमण की आशंका होने पर समय पर जांच करवाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जेल चिकित्सीय अधिकारी डॉ. महावीर सिंह बेनीवाल, नर्सिंग स्टाफ राकेश गोदारा, कारागार समन्वयक पवन शर्मा, जेलर बलजीत गोदारा सहित जिला कारागार का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
