सिंचाई पानी देने की मांग
आईजीएनपी की नोरंगदेसर व रावतसर वितरिका में बैलेंस का सिंचाई पानी देने की मांग
मसीतांवाली हैड पर चल रहा किसानो का प्रदर्शन स्थगित,
सिंचाई विभाग की किसानों के साथ वार्ता के बाद बनी सहमति
रावतसर वितरिका में 250 क्यूसेक व नौरंगदेसर वितरिका में 150 क्यूसेक पानीं छोड़ा
टिब्बी। अखिल भारतीय किसान सभा के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार को मसीतांवाली हैड पर नौरंगदेसर एवं रावतसर वितरिका में सिंचाई पानी छोड़ने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान एकत्रित हुए। किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में पहले कंट्रोल रूम की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। इसके बाद किसानों ने मुख्य राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया।
किसानो के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता कर समझाइश की। तीन दौर की वार्ता के बाद सिंचाई विभाग ने बैलेंस का पानी नौरंगदेसर वितरिका में 250 एवं रावतसर वितरिका 150 क्यूसेक पानी छोड़ने पर सहमति जताते हुए तत्काल पानी छोड़ा।
वही किसानों ने इसे अपने संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि अपने हिस्से के सिंचाई पानी के लिए आगे भी एकजुट रहकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। किसान नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में ग्वार और मूंगफली की फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद आईजीएनपी वितरिकाओं में समय पर सिंचाई पानी नहीं छोड़ा जाता, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
वार्ता में सहमति बनने के बाद किसानों ने धरना स्थगित कर दिया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा एवं किसान संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें जगजीत सिंह जग्गी, शिवमोहन लोहरा, कृपाराम भारती, पूर्णराम, दलबीर सिंह, महावीर बाजिया, छोटू बाजिया, जयलाल मेला, निरंजन पार्षद, देव मिर्जावाली, रणवीर कुलड़िया, कमल जैन, संजीव सहारण, सुशील, कामरेड मुख्तियार भगत सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।


