एंटी डेंगू जागरूकता अभियान
जिले के शिक्षण संस्थानों में एंटी डेंगू जागरूकता अभियान के तहत लार्वा का किया प्रदर्शन
विद्यार्थियों को एचपीवी टीकाकरण की भी दी जानकारी
हनुमानगढ़। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित एंटी डेंगू माह के अंतर्गत शनिवार को विभिन्न शिक्षण संस्थानों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय स्टाफ को डेंगू से बचाव, लार्वा नियंत्रण तथा स्वच्छता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही छात्राओं एवं शिक्षकों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन के संबंध में भी जागरूक किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि जिले के शिक्षण संस्थाओं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के जीवन चक्र एवं उसके लार्वा की पहचान के बारे में जानकारी देते हुए वास्तविक लार्वा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि एडीज मच्छर प्राय: घरों एवं आसपास जमा साफ एवं ठहरे हुए पानी में पनपता है। ऐसे में यदि समय रहते लार्वा को नष्ट कर दिया जाए तो डेंगू के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकता है। विद्यार्थियों को घर एवं विद्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, कूलर, पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायर, नारियल के खोल, कबाड़ एवं अन्य ऐसे पात्रों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी। साथ ही सप्ताह में एक दिन 'ड्राई डे' मनाकर सभी जल पात्रों को खाली करने, साफ करने और सुखाने का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं उपचार कराना चाहिए।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार एवं पड़ोस के लोगों को भी डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें तथा अपने घरों के आसपास जलभराव नहीं होने दें। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों ने डेंगू की रोकथाम एवं स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया तथा अपने घर-परिवार और आसपास के लोगों तक स्वास्थ्य विभाग का संदेश पहुंचाने का भरोसा दिलाया। विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि छात्राओं एवं शिक्षकों को एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है, जबकि समय पर लगाया गया एचपीवी टीका इस गंभीर बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पात्र बालिकाओं को निर्धारित आयु में टीकाकरण करवाने तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की।



