प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान
गर्भवतियों को मिली एएनसी सुविधाएं, कंट्रोल रूम से हाई-रिस्क महिलाओं की हो रही मॉनिटरिंग
नियमित जांच, टेली-फॉलोअप और संस्थागत प्रसव के लिए किया जा रहा प्रेरित
हनुमानगढ़। जिले में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत विशेष एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी के लिए 17 जुलाई से जिला कंट्रोल रूम के माध्यम से टेली-फॉलोअप अभियान भी संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक हाई-रिस्क गर्भवती को समय पर उपचार एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबिन (एचबी), रक्तचाप (बीपी), रक्त शर्करा, वजन, मूत्र परीक्षण सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जा रही हैं। इन जांचों के आधार पर यह पता लगाया जाता है कि गर्भावस्था सामान्य है अथवा महिला उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) श्रेणी में है। यदि जांच के दौरान गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, थायरॉइड विकार अथवा अन्य जटिलताएं सामने आती हैं, तो संबंधित गर्भवती महिला को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक उपचार एवं नियमित फॉलोअप से जोड़ा जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार गर्भवती महिलाओं में किसी प्रकार के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन नियमित एएनसी जांच के दौरान ऐसी स्वास्थ्य समस्याओं का पता चल जाता है, जो मां एवं गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर जोखिम बन सकती हैं। इसलिए प्रत्येक गर्भवती महिला के लिए निर्धारित समय पर एएनसी जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की निरंतर निगरानी के लिए जिला कंट्रोल रूम (01552-261190) से प्रतिदिन महिलाओं को फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी जा रही है। बातचीत के दौरान उनके हीमोग्लोबिन स्तर, आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं के नियमित सेवन, निर्धारित एएनसी जांच, संभावित प्रसव तिथि तथा संस्थागत प्रसव की तैयारी संबंधी जानकारी ली जा रही है। साथ ही उन्हें चिकित्सकीय सलाह का पालन करने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नोहर ब्लॉक की सभी हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं से सफलतापूर्वक संपर्क कर लिया गया है, जबकि भादरा ब्लॉक की महिलाओं से संपर्क की प्रक्रिया जारी है। आगामी दो से तीन दिनों में जिले के सभी ब्लॉकों की हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं से टेलीफोन पर संपर्क कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा पूरी कर ली जाएगी।
गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों कंट्रोल रूम से आए फोन पर चिकित्साकर्मियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। समय पर जांच, नियमित निगरानी और संस्थागत प्रसव से ही मां और शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रखा जा सकता है।
डॉ. पवन कुमार, हनुमानगढ़ जिला प्रभारी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान, जयपुर




