खाराखेड़ा सरकारी स्कूल में अभिनव पहल, माता अमृता देवी लघु सघन वन में लगाए 18 सौ पौधे
खाराखेड़ा विद्यालय परिसर में 1800 पौधों से माता अमृता देवी लघु सघन वन स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
21 प्रजातियों के फलदार, छायादार, फूलदार व औषधीय पौधों का किया रोपण
टिब्बी। प्रदेश सरकार के हरयालो राजस्थान अभियान के तहत ब्लॉक के गांव खाराखेड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में माता अमृता देवी लघु सघन वन स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण की अभिनव पहल की गई। ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ एवं विद्यार्थियों की करीब छह माह की मेहनत और तैयारी के बाद डेढ़ बीघा भूमि में एक साथ 21 प्रजातियों के करीब 1800 पौधे लगाए।
वृक्षारोपण प्रभारी संजय धारणिया ने बताया कि विद्यालय में पूर्व प्रधानाचार्य रहे श्री विजय सिंह गोदारा के द्वारा विद्यालय की खाली पड़ी भूमि में लघु सघन वन तैयार करने के विचार को बुधवार माता अमृता देवी लघु सघन वन स्थापित कर मूर्त रूप प्रदान किया। जिसमें स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों से सघन वन की यह पहल विद्यालय परिसर को हराभरा बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विद्यालय स्टाफ सहित ग्रामीणों ने लघु सघन वन के लिए दिया सहयोग
विद्यालय में स्थापित लघु सघन वन स्थापित करने में खास बात ये भी रही कि पौधारोपण के लिए विद्यालय प्रशासन व स्टाफ सदस्यों ने अपने स्तर पर संगरिया नर्सरी से 21 प्रजातियों के 18 सौ पौधे मंगवाने में सहयोग किया। और पौधों की सुरक्षा व अन्य जरूरतों के लिए ग्रामीणों द्वारा भूमि की चारदीवारी व तारबंदी, भूमि तैयार करने में बढ़चढ़कर सहयोग किया।
पौधारोपण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि टिब्बी सीबीईओ श्री शैलेंद्र कुमार थोरी, आरपी पवन कुमार भादू, एपीसी समसा विजय सिंह गोदारा, कनिष्ठ अभियंता समसा नरेश कुमार प्रधानाचार्य राजेश कुमार भांभू, विद्यालय स्टाफ सदस्यों, ग्रामीण विजय भादू, राजेंद्र झोरड़, गोपी राम खोथ, नरेश थोरी, राजूराम एवं राजेंद्र सुड्डा ने पौधारोपण कर शुभारंभ किया। पौधारोपण कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
संस्था प्रधान राजेश कुमार भांभू ने बताया कि टिब्बी तहसील के राजकीय विद्यालयों में इस प्रकार का यह पहला लघु सघन वन है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भी पौधों की देखभाल एवं सार-संभाल की जिम्मेदारी सौंपते हुए इन्हें बड़े वृक्ष बनाने का संकल्प दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।
विद्यालय में लघु सघन वन को भविष्य में एक विकसित हरित क्षेत्र के रूप में तैयार करने तथा इसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने अध्यापकों, ग्रामीणों व विद्यार्थियो ने संकल्प लिया।




