खनिज विभाग की सघन जांच
खनिज विभाग की सघन जांच में सभी जिप्सम वाहनों के दस्तावेज मिले सही, अवैध परिवहन नहीं मिला
हनुमानगढ़। खनिज विभाग हनुमानगढ़ की जांच टीम ने बरमसर, पूरबसर, मायला, पल्लू, खुईयां, मंदरपुरा, नोहर रोड तथा नोहर-गोरखाना, ललानिया, खरसंडी, श्योरानी, मेघाना एवं दुर्जाना-साहवा रोड क्षेत्र में खनिज जिप्सम से भरे वाहनों की आकस्मिक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान लगभग 25 जिप्सम वाहनों के रॉयल्टी संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें सभी वाहनों के पास नियमानुसार वैध रॉयल्टी रवन्ना पाया गया। वहीं लगभग 8 वाहनों का तुलायंत्र पर वजन कर सत्यापन किया गया, जिसमें वाहन में भरी जिप्सम की मात्रा रॉयल्टी रवन्ना में अंकित मात्रा के अनुरूप पाई गई। जांच के दौरान कोई भी वाहन बिना रॉयल्टी रवन्ना अथवा निर्धारित मात्रा से अधिक खनिज परिवहन करते हुए नहीं मिला।
सहायक खनि अभियंता श्री सोहनलाल गुरु ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में वर्तमान में जिप्सम रॉयल्टी का वार्षिक ठेका 22.25 करोड़ रुपये की राशि पर मैसर्स देवदशरथ माइन्स एंड मिनरल्स के पक्ष में 15 नवंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी है। रॉयल्टी ठेकेदार द्वारा जिले के जिप्सम क्षेत्र में 24 नाके एवं चेक पोस्ट स्थापित कर खनिज वाहनों से रॉयल्टी वसूली की जा रही है। इसके तहत प्रतिमाह लगभग 1.72 करोड़ रुपये की राशि खान विभाग के राजकोष में जमा करवाई जाती है। इसके अतिरिक्त रॉयल्टी का 10 प्रतिशत डीएमएफटी एवं आरएसएमईटी सहित अन्य कर भी अलग से राजकोष में जमा किए जाते हैं। इस व्यवस्था के कारण क्षेत्र में रॉयल्टी चोरी की संभावना अत्यंत नगण्य रहती है।
उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में जिप्सम खनन के लिए 153 परमिट एवं अनुमतियां जारी हैं। यहां मिलने वाला जिप्सम निम्न गुणवत्ता (लो-ग्रेड) का होने के कारण लगभग 95 प्रतिशत जिप्सम हनुमानगढ़ जिले से बाहर राजस्थान के अन्य जिलों तथा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड स्थित सीमेंट संयंत्रों को भेजा जाता है। इस कारण वाहनों में अनुमत मात्रा के अनुसार ही खनिज का परिवहन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर औचक निरीक्षण कर अवैध खनन के 4, अवैध निर्गमन के 7 तथा अवैध भंडारण का 1 प्रकरण दर्ज किया गया है। कुल 12 प्रकरणों में नियमानुसार खनिज रॉयल्टी की दस गुना राशि एवं कंपाउंड शुल्क सहित 16 लाख 7 हजार 300 रुपये की वसूली कर राजकोष में जमा कराई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी क्षेत्र में नियमित औचक निरीक्षण जारी रखते हुए अवैध खनन, निर्गमन एवं भंडारण के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
