सिंचाई पानी को लेकर किसानो का मसीतांवाली हैड पर प्रदर्शन
आईजीएनपी की रावतसर व नौरंगदेसर वितरिकाओं के किसानों ने मसीतांवाली हैड पर भरी हुंकार, किया चक्का जाम
सिंचाई विभाग के साथ वार्ता में बनी सहमति, 26 अगस्त सुबह 6 बजे छोड़ा जाएगा सिंचाई पानी
मांग पूरी नहीं हुई तो 27 अगस्त को फिर मसीतांवाली हैड पर जुटेंगे किसान, 3 सितंबर को मुख्य अभियंता कार्यालय पर होगी किसान महापंचायत
टिब्बी। रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं में सिंचाई पानी की मांग को लेकर मंगलवार को मसीतां वाली हैड पर अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से ही किसान मसीतां वाली हैड पर एकजुट होना शुरू हो गए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जगजीत सिंह जग्गी एवं किसान नेता मनीष बुरड़क ने बताया कि दोपहर तक सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी किसानों के बीच नहीं पहुंचा, जिससे किसानों एवं नौजवानों में आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित किसानों ने मसीतां वाली हैड के पुल पर चक्का जाम कर दिया।
प्रशासन की ओर से जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को किसानों के बीच भेजने का आश्वासन दिए जाने के बाद किसानों ने चक्का जाम खोल दिया। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ वार्ता की।
पहले दौर की वार्ता में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलने पर किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों के हिस्से के सिंचाई पानी को लेकर तत्काल ठोस निर्णय नहीं किया गया तो किसान बैलेंस का पानी स्वयं छोड़ने को मजबूर होंगे। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ दूसरे दौर की वार्ता हुई।
दूसरे दौर की वार्ता में सहमति बनी कि 26 अगस्त को सुबह 6 बजे रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं में किसानों के हिस्से का सिंचाई पानी छोड़ा जाएगा। वार्ता के बाद किसान नेताओं ने मंच से स्पष्ट किया कि यदि 26 अगस्त से दोनों वितरिकाओं में निर्धारित एवं पूरा सिंचाई पानी नहीं छोड़ा गया तो 27 अगस्त को किसान बड़ी संख्या में फिर मसीतांवाली हैड पर एकजुट होंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन को प्रथम चरण के किसानों के लिए चार में से दो समूहों में सिंचाई पानी देने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। यदि किसानों के हिस्से के पानी में किसी प्रकार की टालमटोल की गई तो जिलेभर में व्यापक किसान आंदोलन किया जाएगा।
किसान नेताओं ने बताया कि 3 सितंबर को मुख्य अभियंता कार्यालय पर हजारों किसानों की किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें चार में से दो समूहों में सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर निर्णायक आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
किसान नेताओं ने कहा कि आईजीएनपी में पर्याप्त पानी होने के बावजूद रावतसर एवं नौरंगदेसर वितरिकाओं के किसानों को अपने हिस्से के सिंचाई पानी के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। किसानों ने प्रशासन से सिंचाई पानी के वितरण में न्यायपूर्ण व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अब किसानों के सब्र की परीक्षा न ली जाए।
प्रदर्शन के दौरान मनीष बुरड़क, मोहन लोहरा, जसवंत पिलानियां, राकेश फगोड़िया, ओम प्रकाश छिपा, वेदप्रकाश बुरड़क, राधाकृष्ण सुथार, गौरीशंकर पिलानियां, राजपाल सिंह सरां, रामकरण गोदारा, आत्माराम मिल, महावीर बाजियां, प्रहलाद सरपंच मुंडा, ओमप्रकाश मुंड, महेंद्र पिलानियां, हनुमान छिपा, हाकम सिंह बुरड़क, सुरेंद्र बाना, भेराराम छिपा, पृथ्वीराम लाजं सहित बड़ी संख्या में किसान एवं नौजवान मौजूद रहे।

