भयमुक्त वातावरण एवं खेल-खेल में सीखेंगे विद्यार्थी
16 जनवरी 2027 को विद्यालयों में होगा ‘निपुण मेला’
FLN आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास और सीखने को मिलेगा अवसर प्रतियोगिता
जयपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ‘निपुण मेला’ आयोजित किया जाएगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक PEEO/ UCEEO विद्यालय स्तर पर 16 जनवरी 2027 को मेगा PTM के साथ निपुण मेले का आयोजन किया जाएगा।
निपुण मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, भाषायी एवं सामाजिक विकास के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, सृजनशीलता, कल्पनाशीलता, चिंतन, विश्लेषण, अनुमान एवं समस्या समाधान जैसे कौशलों का विकास करना है।
खेल-खेल में सीखेंगे विद्यार्थी
निपुण मेले में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रकार की खेल एवं कौशल आधारित गतिविधियों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें शारीरिक विकास, मानसिक एवं बौद्धिक विकास, गणितीय कौशल, सृजनात्मकता, भाषायी विकास, पठन कौशल तथा सामाजिक विकास आधारित गतिविधियां शामिल होंगी।
विद्यार्थियों के लिए निशाना लगाना, ब्लाइंड फोल्ड, कुर्सी दौड़, नींद दौड़, जलेबी दौड़, गेंद पकड़ो-गेंद फेंको, रस्सी के अंदर-बाहर कूदना, गुब्बारा हवा में रखना जैसी शारीरिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं ‘देखो और बताओ’, पहेली खेल, वर्ग पहेली, डिजिटल गेम, गणित की पहेली, मिट्टी/क्ले से खिलौने बनाना, पेंटिंग, कोलाज एवं थंब एंड थ्रेड पेंटिंग जैसी गतिविधियां भी होंगी।
भाषायी विकास के लिए कहानी सुनाना-सुनाना, कहानी पढ़ना, कविता सुनाना, नई कहानी लिखना, कहानी का मंचन, परिचर्चा एवं वाद-विवाद जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पठन कौशल के लिए ध्वनि पहचान, डिकोडिंग गेम, साझा पठन, स्वतंत्र पठन एवं स्वतंत्र लेखन पर भी जोर दिया जाएगा।
विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की भी होगी सहभागिता
निपुण मेले में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों एवं समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। परिवार के सदस्यों के साथ प्रतियोगिताओं, साझा चित्रकारी, कहानी लेखन एवं स्वरचित कविता पाठ जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का आनंददायी वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
मेले में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों तथा संबंधित आंगनबाड़ी के बालक-बालिकाओं को भी शामिल किया जाएगा। प्रत्येक स्टॉल से विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
निपुण मेले के आयोजन के लिए विद्यालय स्तर पर वित्तीय व्यवस्था की गई है। इसमें शिक्षण-अधिगम सामग्री, स्टॉल निर्माण एवं प्रोत्साहन सामग्री, मेले में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के अल्पाहार तथा स्टॉल हेतु टेंट सामग्री के लिए निर्धारित किए गए हैं।
निपुण मेले के माध्यम से विद्यार्थियों को भयमुक्त वातावरण में सीखने, अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और गतिविधियों के माध्यम से ज्ञान अर्जित करने के अवसर मिलेंगे। साथ ही अभिभावकों को बच्चों की सीखने की प्रक्रिया से जोड़ने और निपुण भारत मिशन के प्रति समुदाय में जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
