नीट-पीजी परीक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट
नीट-पीजी परीक्षा: जिले के दो केंद्रों पर कल (रविवार) 489 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, जिला प्रशासन की तैयारियां पूर्ण
परीक्षा में नकल रोकने के लिए 1 करोड़ रुपए जुर्माना एवं 10 साल जेल का कड़ा कानून
हनुमानगढ़। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक, नीट-पीजी (NEET PG- 2026) परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने कमर कस ली है। इस साल परीक्षा में धांधली और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए देश में ऐतिहासिक और बेहद सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया गया है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन ने भी रविवार को होने वाली इस परीक्षा के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जिले के दो केंद्रों पर परीक्षा रविवार को, जिला कलेक्टर ने संभाली कमान
जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि आयुर्विज्ञान राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE), भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए जिले में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें हनुमानगढ़ टाउन स्थित करतारपुर कॉलोनी का टाइम्स पब्लिक स्कूल तथा हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित संस्कार कॉलेज फॉर हायर एजुकेशन शामिल हैं। रविवार, 30 अगस्त, 2026 को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित होने वाली इस परीक्षा में दोनों केंद्रों पर कुल 489 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
जिला कलेक्टर ने बताया कि केंद्रों पर सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और गोपनीयता से जुड़ी पुख्ता व्यवस्थाए की गई हैं। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं तथा पुलिस, चिकित्सा, विद्युत, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जनसंपर्क सहित विभिन्न विभागों को आवश्यक जिम्मेदारिया सौंपी गई हैं। कलक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि अगर कोई भी परीक्षार्थी नकल जैसी गतिविधियों में संलिप्त मिलता है या नकल करते हुए पाया जाता है, तो नियमानुसार कठोर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल भी टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर फर्जी पेपर बेचने का दावा करने वाले ग्रुप्स पर पैनी नजर रख रही है। परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बहकावे में न आए और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देशों पर ही भरोसा करें।
माफियाओं पर 1 करोड़ रुपए का जुर्माना और कठोर कारावास
देशभर में लागू नए सख्त कानून के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की संगठित धांधली या पेपर लीक कराने वाले गिरोहों पर 1 करोड़ रुपए तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही दोषियों को 7 से 10 साल तक की कठोर जेल की सजा दी जाएगी। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है, जो मात्र 2 महीने के भीतर जांच पूरी कर सजा तय करेंगे।
हाइ-टेक डिजिटल सुरक्षा
कंप्यूटर आधारित इस परीक्षा (CBT) में तकनीकी स्तर पर सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर टू-लेयर फ्रिस्किंग (दोहरे स्तर की शारीरिक जांच) और आधार-आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया गया है ताकि कोई फर्जी उम्मीदवार न बैठ सके।
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