तारबंदी अनुदान योजना के लिए आवेदन शुरू
फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों की तारबंदी पर मिलेगा अनुदान, किसान राज किसान पोर्टल पर करें आवेदन
हनुमानगढ़। नीलगाय, निराश्रित एवं जंगली पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए राज्य सरकार किसानों को खेतों की तारबंदी पर अनुदान दे रही है। योजना का उद्देश्य किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित कर कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्रीमती यशवन्ती ने बताया कि योजना के तहत अन्य श्रेणी के किसानों को अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी कराने पर लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान मिलेगा। वहीं लघु एवं सीमांत किसानों को लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 48 हजार रुपये (जो भी कम हो) प्रति कृषक अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि 7 या उससे अधिक किसान मिलकर कम से कम 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सामूहिक रूप से तारबंदी करवाते हैं तो इसे सामुदायिक आवेदन माना जाएगा। ऐसे मामलों में प्रति किसान लागत का 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम 56 हजार रुपये (जो भी कम हो) का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान को अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक ही अनुदान मिलेगा। यदि तारबंदी की परिधि इससे कम होगी तो अनुदान प्रो-रेटा आधार पर दिया जाएगा। व्यक्तिगत अथवा समूह में आवेदन करने वाले किसान के पास एक ही स्थान पर कम से कम 0.50 हेक्टेयर कृषि भूमि होना आवश्यक है।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को राज किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ जनाधार, छह माह से अधिक पुरानी न हो ऐसी जमाबंदी, राजस्व विभाग द्वारा जारी नक्शा ट्रेस, लघु या सीमांत किसान प्रमाण-पत्र अथवा जनाधार में कृषक श्रेणी की सीडिंग, तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।कृषि विभाग ने जिले के किसानों से योजना का लाभ उठाकर अपनी फसलों को जंगली एवं निराश्रित पशुओं से सुरक्षित करने की अपील की है।
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