प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
16 अगस्त तक करवाएं खरीफ फसलों का बीमा, प्राकृतिक आपदा से मिलेगा सुरक्षा कवच
जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 7 फसलें अधिसूचित, ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी कर रही क्रियान्वयन
किसानो को देना होगा न्यूनतम प्रीमियम, मोठ फसल के एक बीघा बीमे के लिए देने होंगे मात्र 10.48 रुपए
हनुमानगढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। कृषि, सहकारिता एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की परिचालन मार्गदर्शिका के अनुसार हनुमानगढ़ जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत किया गया है। जिले के किसान 16 अगस्त, 2026 तक अधिसूचित फसलों का बीमा करवा सकते हैं।
खरीफ सीजन में जिले की 7 फसलें— कपास, मूंग, मूंगफली, ग्वार, मोठ, धान एवं बाजरा— को योजना के तहत अधिसूचित किया गया है। योजना के अंतर्गत ऋणी, गैर-ऋणी एवं बंटाईदार किसान फसल बीमा का लाभ ले सकते हैं। यद्यपि योजना में शामिल होना पूर्णतः स्वैच्छिक है, लेकिन जो ऋणी किसान बीमा नहीं करवाना चाहते हैं, उन्हें अंतिम तिथि से 7 दिन पूर्व संबंधित बैंक में घोषणा-पत्र देना होगा।
खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम एवं प्रति हेक्टेयर बीमित राशि
अधिसूचना के अनुसार खरीफ 2026 के लिए किसानों द्वारा देय प्रीमियम एवं प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित कर दी गई है। इसके तहत कपास फसल के लिए किसान प्रीमियम ₹415.81 प्रति हेक्टेयर तथा बीमित राशि ₹1,38,602 प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। मूंग के लिए प्रीमियम ₹150.75 एवं बीमित राशि ₹50,250 प्रति हेक्टेयर, मूंगफली के लिए ₹451.61 प्रीमियम एवं ₹1,50,535 बीमित राशि, ग्वार के लिए ₹105.28 प्रीमियम एवं ₹35,092 बीमित राशि, मोठ के लिए ₹41.44 प्रीमियम एवं ₹13,814 बीमित राशि, धान के लिए ₹387.28 प्रीमियम एवं ₹1,29,093 बीमित राशि तथा बाजरा के लिए ₹114.79 प्रति हेक्टेयर किसान प्रीमियम एवं ₹38,262 प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित की गई है।
इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
गैर-ऋणी किसानों को आवेदन के लिए भूमि स्वामित्व के प्रमाण, लैंड पजेशन प्रमाण-पत्र, बैंक खाता विवरण, आधार कार्ड, एग्री-स्टैक आईडी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कराने होंगे। वहीं बंटाईदार किसानों को इन दस्तावेजों के अतिरिक्त 100 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर शपथ-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र तथा भू-स्वामी एवं बंटाईदार के आधार कार्ड की स्वप्रमाणित प्रतियां भी प्रस्तुत करनी होंगी।
यहां से करवा सकेंगे बीमा
किसान अपना बीमा व्यावसायिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, भूमि विकास बैंक, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तथा डाकघरों के माध्यम से करवा सकते हैं। सीएससी के माध्यम से बीमा करवाते समय किसान अपने व्यक्तिगत मोबाइल नंबर का उल्लेख अवश्य करें, ताकि बीमा संबंधी सभी सूचनाएं समय-समय पर प्राप्त होती रहें।
योजना के अंतर्गत सूखा, लंबी शुष्क अवधि, बाढ़, जलभराव, कीट एवं रोग, भूस्खलन, बिजली गिरने से प्राकृतिक आग, तूफान, ओलावृष्टि एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली फसल क्षति को कवर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए छोड़ी गई फसल को अधिकतम 14 दिनों तक चक्रवात, असामयिक वर्षा एवं ओलावृष्टि से हुए नुकसान पर भी व्यक्तिगत आधार पर बीमा सुरक्षा मिलेगी। ऐसी स्थिति में किसान को 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी को सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप अथवा संबंधित बैंक/कृषि विभाग के माध्यम से दी जा सकती है।
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने जिले के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में खरीफ फसलों का बीमा करवाने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है।
