नगर निकाय आम चुनाव-2026
नगर निकाय चुनाव में अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च सीमा एवं प्रचार सामग्री की दरें है निर्धारित
नगर परिषद पार्षद पद के लिए अधिकतम चुनाव खर्च सीमा 2.50 लाख रुपये तथा नगरपालिका सदस्य पद के लिए 1.50 लाख रुपये निर्धारित
हनुमानगढ़। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान ने नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के दौरान चुनाव प्रचार को पारदर्शी एवं व्यय नियंत्रण के दायरे में रखने के उद्देश्य से अभ्यर्थियों के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा तथा प्रचार-प्रसार में प्रयुक्त होने वाली विभिन्न सामग्री एवं सेवाओं की दरें निर्धारित हैं। आयोग के निर्देशानुसार चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों, लाउडस्पीकरों, कटआउट, होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर एवं अन्य प्रचार सामग्री के उपयोग पर निर्धारित नियमों की पालना करना अनिवार्य है। लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट अथवा अन्य सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है तथा इसका उपयोग रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित है। चुनाव प्रचार में प्रयुक्त वाहनों के लिए भी संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी।
आयोग ने वर्ष 2019 में निर्धारित चुनाव व्यय सीमा में संशोधन करते हुए नगर परिषद पार्षद पद के लिए अधिकतम चुनाव खर्च सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तथा नगरपालिका सदस्य पद के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की है। प्रत्येक अभ्यर्थी को निर्वाचन परिणाम घोषित होने के 15 दिवस के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपने चुनाव व्यय का पूर्ण विवरण जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
निर्वाचन व्यय के आकलन के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय ने प्रचार सामग्री एवं सेवाओं की विस्तृत दर सूची भी जारी की गई थी। इसमें शामियाना, कुर्सियां, टेंट, लाउडस्पीकर, वाहन, जनरेटर, बैनर, फ्लैक्स, होर्डिंग्स, पम्पलेट, झंडे, स्टेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफी, भोजन, चाय-नाश्ता, कार्यालय किराया, सुरक्षा गार्ड, बैंड, ढोल, पानी के टैंकर सहित विभिन्न प्रचार सामग्री एवं सेवाओं की दरें निर्धारित हैं। जिन मदों के लिए निर्धारित दर उपलब्ध नहीं है, उनका व्यय प्रचलित बाजार दर अथवा वास्तविक व्यय के आधार पर जोड़ा जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव ने सभी अभ्यर्थियों से आयोग के निर्देशों की पूर्ण पालना करने की अपील करते हुए कहा कि निर्धारित व्यय सीमा का उल्लंघन अथवा बिना अनुमति प्रचार सामग्री एवं वाहनों का उपयोग निर्वाचन नियमों के विपरीत माना जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी अपने व्यय का नियमित लेखा-जोखा संधारित करें तथा आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें।
