ब्रह्माकुमारी सेंटर पर धूमधाम से मनाया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व
कृष्ण जन्माष्टमी पर कार्यक्रम, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने बांधा समां
जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों को प्रेमपूर्वक याद करने और उन गुणों को अपने हृदय में अनुभव करने का सुंदर अवसर: ब्रह्माकुमारी अनिता बहन
टिब्बी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेंटर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उमंग और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथिगण लाधूराम महला, व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय नोखवाल, कुलवंत सुथार, सुरजीत खिचड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
सेंटर संचालिका ब्रह्माकुमारी अनिता बहन ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दिव्य गुणों को प्रेमपूर्वक याद करने और उन गुणों को अपने हृदय में अनुभव करने का सुंदर अवसर है। श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा, सत्य, सदाचार और दिव्य गुणों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर आनंद और उत्सव के साथ कुछ क्षण स्वयं के भीतर झांककर सकारात्मक एवं दिव्य गुणों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम में कृष्ण-राधा की मनमोहक वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अतिथिगणों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिकता, ईमानदारी, सदाचार एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में पारंपरिक रूप से हांडी फोड़ने का आयोजन किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।
