किसानों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
किसानों की मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
खाली चेक वापस कराने, OTS योजना लागू करने और गिरफ्तार किसानों की रिहाई सहित 8 सूत्रीय मांगो का सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने पंजाब में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के नेतृत्व में किसानों द्वारा अपनी जायज एवं लंबित मांगों को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन के समर्थन में किसान नेता महावीर सहारण के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने पंजाब सरकार की कार्रवाई पर तत्काल हस्तक्षेप करने तथा किसानों की मांगों का शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि किसान पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद किसानों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई, गैर-जिम्मेदाराना पुलिस कार्रवाई एवं गिरफ्तारियां किए जाने से किसान संगठनों में रोष है। मोर्चा ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना किसानों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए सरकार से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की।
मोर्चा की प्रमुख मांगें—
1. किसानों से लिए गए खाली चेक तत्काल वापस करवाए जाएं।
The Punjab State Cooperative Agricultural Development Bank Ltd. (PADB) द्वारा ऋण मामलों में किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने तथा भविष्य में इस प्रकार के खाली चेक लेने पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई।
2. किसानों के लिए One Time Settlement (OTS) योजना लागू की जाए।
कृषि ऋणों के समाधान के लिए Commercial Banks की तर्ज पर पारदर्शी एवं व्यापक किसान हितैषी OTS योजना तत्काल लागू करने की मांग रखी गई।
3. दातासिंहवाला-खुनरी एवं शंभू किसान मोर्चा में हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
2024-25 के किसान आंदोलन के दौरान किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, सामान एवं अन्य सामग्री को हुए नुकसान की उचित भरपाई तथा संपत्ति के नुकसान से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की गई।
4. गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा किया जाए।
शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन में भाग लेने के कारण गिरफ्तार किसानों को रिहा करने तथा उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की गई।
5. पुलिस दमन एवं मानवाधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र जांच हो।
आंदोलनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, धरना समाप्त कराने के लिए बल प्रयोग एवं गिरफ्तारियों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।
6. जेलों में बंद किसानों की मानवीय परिस्थितियों की जांच करवाई जाए।
जेलों में बंद आंदोलनकारी किसानों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य मूलभूत अधिकार उपलब्ध करवाने तथा मानवाधिकार उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
7. किसानों के साथ सरकार तत्काल वार्ता करे।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि किसान संगठन टकराव नहीं, बल्कि संवाद और समाधान चाहते हैं। पंजाब सरकार से किसानों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सभी लंबित मांगों पर समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की गई।
8. आंदोलन को कुचलने के बजाय बातचीत से समाधान निकाला जाए।
मोर्चा ने कहा कि किसानों की मांगों का समाधान पुलिस बल, गिरफ्तारी अथवा मुकदमों से नहीं हो सकता। सरकार को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का सम्मान करते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर पंजाब सरकार एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और किसानों की मांगों का न्यायसंगत एवं शीघ्र समाधान करवाने की मांग की।
