News Breaking News
Live
wb_sunny

Breaking News

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग हनुमानगढ़ में करेगा सुनवाई

राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग हनुमानगढ़ में करेगा सुनवाई

ओबीसी के पिछड़ेपन पर जनसंवाद 29 दिसंबर को, 

राज्य आयोग हनुमानगढ़ में करेगा सुनवाई

हनुमानगढ़। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सामाजिक-आर्थिक एवं राजनीतिक पिछड़ेपन के आकलन को लेकर राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा जिला मुख्यालय पर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 29 दिसंबर, 2025 को दोपहर 2.30 बजे से 4.30 बजे तक जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगा।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली स्थित माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 278/2022 – सुरेश महाजन बनाम मध्य प्रदेश राज्य व अन्य में 10 मई 2022 को पारित आदेश की अनुपालना में राज्य सरकार द्वारा पांच सदस्यीय समर्पित राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग का गठन किया गया है। आयोग का दायित्व राज्य में ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में ओबीसी वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, स्थिति एवं उसके प्रभावों का समसामयिक और अनुभवजन्य अध्ययन कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करना है।

आयोग द्वारा जिले-जिले जाकर ओबीसी वर्ग से संबंधित जातियों एवं परिवारों का गहन एवं व्यापक सर्वेक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोग ने यह निर्णय लिया है कि जिला मुख्यालयों पर जनसुनवाई एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित कर आमजन, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और हितबद्ध संस्थाओं से सीधे संवाद किया जाए।

जिला हनुमानगढ़ में आयोजित होने वाले इस जनसंवाद कार्यक्रम में राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री मदनलाल भाटी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान ओबीसी वर्ग से जुड़े व्यक्ति एवं संस्थाएं अपने विचार, अनुभव और सुझाव साझा कर सकेंगे। इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति या संस्था यदि इस संबंध में लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत करना चाहे, तो उसे भी स्वीकार किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने ओबीसी वर्ग के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित हितधारकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लेकर अपने विचार आयोग के समक्ष रखें, ताकि राज्य में स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण से संबंधित निर्णय तथ्यात्मक एवं न्यायसंगत आधार पर लिया जा सके।

Tags

Newsletter Signup

Sed ut perspiciatis unde omnis iste natus error sit voluptatem accusantium doloremque.