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राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS)

राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS)

राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण: सामाजिक-आर्थिक नीतियों के लिए जुटाए जा रहे आंकड़े



हनुमानगढ़। सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं से संबंधित सटीक जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर सर्वेक्षण कार्य किया जाता है। इसी कड़ी में वर्तमान में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के 80वें दौर के अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य जनवरी, 2025 से दिसंबर, 2025 तक का किया जा रहा है। यह कार्य आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार के अधीन जिला सांख्यिकी कार्यालय के कार्मिकों द्वारा संपादित किया जा रहा है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हो रहा सर्वे कार्य

इस सर्वे के अंतर्गत जिले के चयनित गांवों और नगरीय खंडों में घर-घर जाकर आवश्यक आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।  परिवारों, व्यवसायों और विभिन्न सामाजिक इकाइयों से संबंधित सूचनाएं एकत्र कर रहे हैं, जिससे भारत सरकार की भविष्य की योजनाओं और नीतियों को जनहित में और प्रभावी बनाया जा सके।

आपकी जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय

जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया है कि सर्वेक्षण के दौरान ली गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। किसी भी व्यक्ति या संस्था की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। इन सूचनाओं का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं को जन-आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर बनाने और नीतियों को सुदृढ़ करने के लिए किया जाता है।

सर्वे दल को दें सही और सटीक जानकारी

जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने जिलेवासियों से अपील की है कि जब सांख्यिकी कार्यालय के कार्मिक सर्वे कार्य हेतु आपके पास आए, तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का सहयोग राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण और विकास कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से की अपील

डॉ. यादव ने जिले के सभी सरपंचों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, वेलफेयर सोसाइटीज और उद्यमी संस्थाओं से भी आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों को राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (NSS) के महत्व के बारे में जागरूक करें और सर्वे टीमों को पूरा सहयोग दें।


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